स्वतंत्रता दिवस आदि राष्ट्रीय त्योहारों के प्रति नागरिक और युवाओं की उदासीनता चिंताजनक ---
velentine डे, फ्रेंडशिप डे आदि अवसरों पर २-३ हफ्ते पहले ही SMS का दौर शुरू हो जाता है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय त्योहारों के प्रति युवाओं का आकर्षण कम ही होता चला जा रहा है. देशभक्ति से भरे SMS पर जैसे हिंदुत्ववादी संगठनों का ही आधिकार हो चूका है. आम युवाओं, नागरिकों को जैसे इन राष्ट्रीय त्योहारों से कोई सरोकार नहीं रह गया है.
Monday, August 9, 2010
Wednesday, August 4, 2010
Khali Prushth Kore Kagaj Si Zindagi
खाली पृष्ठ कोरे कागज सी ज़िन्दगी
यूं ही शुन्यता का आवरण
ओढ़े सन्नाटे सी,
चाह
चंद बूंद
रौशनाई की
चाह
चंद बूंद
आशनाई की
कोरे कागज पर
शायद
कोई शब्द स्याह हो जाये,
सन्नाटे में
शायद
कोई लफ्ज गूँज जाये
अन्यथा
फिर वही ...
खाली पृष्ठ कोरे कागज सी ज़िन्दगी
यूं ही शुन्यता का आवरण
ओढ़े सन्नाटे सी.......
यूं ही शुन्यता का आवरण
ओढ़े सन्नाटे सी,
चाह
चंद बूंद
रौशनाई की
चाह
चंद बूंद
आशनाई की
कोरे कागज पर
शायद
कोई शब्द स्याह हो जाये,
सन्नाटे में
शायद
कोई लफ्ज गूँज जाये
अन्यथा
फिर वही ...
खाली पृष्ठ कोरे कागज सी ज़िन्दगी
यूं ही शुन्यता का आवरण
ओढ़े सन्नाटे सी.......
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